◆ सैटेलाइट न्यूज चैनल का यूपी हेड बता हडपे रूपये, एक साल बाद भी न नियुक्ति पत्र मिला, न ज्वाइनिंग, रकम वापसी मांगने पर संपर्क तोड़ने का आरोप।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। न्यूज चैनल में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से 10 हजार रुपये लेने और बाद में कथित तौर पर टालमटोल करने का मामला सामने आया है। नौकरी की उम्मीद में रकम देने वाले युवक का आरोप है कि एक वर्ष से अधिक समय गुजरने के बावजूद उसे न तो नियुक्ति पत्र मिला और न ही नौकरी से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया गया। अब रकम वापस मांगने पर कथित रूप से बातचीत बंद कर दी गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के उपनगरी सरायतरीन के मोहल्ला नवाब खेल निवासी खलील मलिक मलिक पुत्र छुट्टन ने पुलिस अधीक्षक को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि आशुतोष श्रीवास्तव, निवासी ओम प्रकाश, मकान संख्या 303, तृतीय तल, रेडियम अपार्टमेंट, न्यू हैदराबाद, लखनऊ ने स्वयं को एक सैटेलाइट न्यूज चैनल का यूपी हेड बताते हुए उसे संभल जिला संवाददाता के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने नौकरी दिलाने की प्रक्रिया के नाम पर उससे 10 हजार रुपये की रकम ली। रकम दिए जाने के बाद उसे जल्द नियुक्ति पत्र जारी होने और ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी होने का भरोसा दिया जाता रहा। पीड़ित का आरोप है कि वह लंबे समय तक इस उम्मीद में इंतजार करता रहा कि अब उसे नौकरी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे, लेकिन समय बीतता गया और मामला केवल आश्वासनों तक सीमित रहा। पीड़ित का कहना है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उसे न तो नियुक्ति पत्र मिला, न ज्वाइनिंग लेटर और न ही संबंधित न्यूज चैनल का पहचान पत्र उपलब्ध कराया गया। इसके बाद जब उसने मामले को लेकर लगातार जानकारी मांगनी शुरू की और अपनी दी गई रकम वापस करने को कहा तो कथित तौर पर आरोपी ने उससे फोन पर बातचीत करना भी बंद कर दिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब आरोपी उसकी रकम वापस करने से भी इनकार कर रहा है। इससे परेशान होकर उसने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कराकर रकम वापस दिलाने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लिए जाने का यह मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है। हालांकि, पूरे प्रकरण में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
