Home » गुन्नौर में नाले निर्माण में मानकों की अनदेखी? स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाये सवाल?

गुन्नौर में नाले निर्माण में मानकों की अनदेखी? स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाये सवाल?

◆ आठ सौ मीटर लंबे नाले के निर्माण में तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप, स्थानीय लोगों ने जांच की उठाई मांग।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। गुन्नौर में नेहरू चौक स्थित चौधरी धर्म कांटे से दौलतपुर पुलिया तक करीब 800 मीटर लंबे सीमेंटेड नाले का निर्माण कार्य इन दिनों चल रहा है। निर्माण शुरू होते ही इसकी गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है। लोगों ने आरोप लगाया है कि नाले के निर्माण में निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया और मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले की खुदाई के बाद उसके तल पर पर्याप्त बेस तैयार किए बिना ही सीमेंटेड निर्माण शुरू कर दिया गया। आमतौर पर मजबूत निर्माण के लिए तल को समतल करने के बाद रोड़ी-गिट्टी की उपयुक्त परत बिछाकर उसकी अच्छी तरह कुटाई और कॉम्पैक्शन किया जाना जरूरी माना जाता है। आरोप है कि मौके पर इस प्रक्रिया को अपेक्षित तरीके से पूरा किए बिना ही आगे का निर्माण कराया जा रहा है।
कमजोर बेस से भविष्य में नुकसान की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले का बेस यदि पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं हुआ तो बारिश और पानी के लगातार दबाव के कारण नीचे की मिट्टी धंस सकती है। इससे नाले के तल में दरारें पड़ने, दीवारों पर दबाव बढ़ने और निर्माण के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में अभी दिखाई न देने वाली खामियां आने वाले समय में बड़ी समस्या का रूप ले सकती हैं।

फोटो-2

इसके अलावा नाले की सीमेंटेड दीवारों की फिनिशिंग को लेकर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। कई स्थानों पर निर्माण की सतह और कंक्रीट की गुणवत्ता को लेकर असंतोष जताया गया है। लोगों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, सीमेंट-कंक्रीट के मिश्रण तथा निर्धारित मोटाई की भी तकनीकी स्तर पर जांच होनी चाहिए, ताकि निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सामने आ सके।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर तकनीकी टीम भेजकर पूरे निर्माण कार्य का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों के मुताबिक बेस की कुटाई और कॉम्पैक्शन, निर्माण की मोटाई, कंक्रीट की गुणवत्ता, नाले का लेवल व ढाल तथा इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की जांच आवश्यक है।
लोगों का कहना है कि नाले का निर्माण लंबे समय के लिए किया जा रहा है और इस पर सरकारी धन खर्च हो रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।

फोटो-3

यदि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है तो तकनीकी जांच से स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जाएगी और लोगों की आशंकाएं भी दूर होंगी।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित कराएं तथा यदि कहीं कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए। उनका कहना है कि नाले का निर्माण केवल कागजों पर पूरा होना पर्याप्त नहीं, बल्कि इसकी गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए कि वह लंबे समय तक सुरक्षित और जन उपयोगी बना रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *