◆ खूनी संघर्ष के बाद थाने पर हंगामा, धनारी इंस्पेक्टर पर हत्या कराने तक का आरोप।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। धनारी थाना क्षेत्र के भिरावटी गांव में शुक्रवार शाम रुपए और प्लाट को लेकर चल रहा पुराना विवाद फिर भड़क गया। दो सगे साढ़ुओं के परिवार आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे। दोनों ओर से ईंट-पत्थर फेंके जाने की भी बात सामने आई है। विवाद में महिलाओं के शामिल होने की बात भी कही जा रही है। मारपीट में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हुए हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया है और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते और हाथों में लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। गांव में हुई इस मारपीट के बाद मामला थाने तक पहुंच गया, जहां एक पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए जमकर हंगामा किया।

बताया जा रहा है कि भिरावटी गांव निवासी विपिन यादव और नवाब सिंह यादव के परिवारों के बीच पिछले करीब चार महीनों से रुपए के लेन-देन और एक प्लाट पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों रिश्ते में सगे साढ़ू बताए जा रहे हैं।
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर एक-दूसरे पर ईंटें भी फेंकी गईं। गांव में अचानक हुए इस संघर्ष से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। और लोग धनारी थानाध्यक्ष की कार्यप्रणाली के विरुद्ध भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहें हैं।

घटना के बाद RSS कार्यकर्ता विपिन यादव अपने भाई और समर्थकों के साथ धनारी थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस द्वारा उनकी बात गंभीरता से न सुने जाने से नाराज विपिन यादव ने थाना परिसर के गेट पर ही विरोध जताना शुरू कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे तक थाने के बाहर हंगामा चलता रहा। मौके पर मौजूद लोगों और परिचितों के समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने विपिन यादव के पक्ष से घायल बताए जा रहे तीन लोगों को मेडिकल परीक्षण के लिए सरकारी अस्पताल भेजा। वहीं दूसरे पक्ष के घायलों का भी मेडिकल कराया गया।

प्रवाह को प्राप्त जानकारी के अनुसार विपिन यादव का पैतृक गांव थाना कैलादेवी क्षेत्र का शाकिन शोभापुर बताया गया है, जबकि वर्तमान में वह भिरावटी गांव में रह रहे हैं। विपिन यादव का आरोप है कि रुपए और प्लाट को लेकर चल रहा विवाद कोई नया नहीं है। उनका कहना है कि करीब तीन महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन उस समय पुलिस ने उनकी अपेक्षा के अनुरूप कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराना विवाद सुलझने के बजाय लगातार बढ़ता गया और शुक्रवार को स्थिति मारपीट तक पहुंच गई।
थाने पहुंचने के बाद विपिन यादव ने धनारी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि पुलिस दूसरे पक्ष को बुलाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दे रही है और कार्रवाई में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही।

विपिन यादव ने धनारी थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह यादव और अपराध निरीक्षक सत्यविजय सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या कराने तक का आरोप लगाया। जबकि पुलिस ने उपरोक्त आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
घटना के संबंध में धनारी थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि
दोनों पक्षों के घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और दोनों ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उनके अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा है और पूर्व में भी इस मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। थाना प्रभारी ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों की तहरीर और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, भिरावटी गांव में दो रिश्तेदार परिवारों के बीच चल रहा पुराना विवाद एक बार फिर हिंसक टकराव में बदल गया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि मारपीट के वीडियो, दोनों पक्षों की शिकायतों और पुराने विवाद की पड़ताल के बाद आखिर किसके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
